नवसृजन · भारत 2.0

ब्रह्मास्त्र

समस्याएँ अनेक · समाधान एक

हर बड़ा परिवर्तन
एक बिंदु से शुरू होता है।

नीचे सरकाइए
आज का भारत

समस्याएँ अनेक…

…समाधान एक।

हर समस्या अलग दिखती है। पर इन सबकी जड़ एक है —
मनुष्य ने स्वयं को ब्रह्मांड से अलग मान लिया।

समाधान

जीवन भर निःशुल्क आवासीय शिक्षा

5 वर्ष की आयु से, हर बच्चे को —
जब तक पढ़ना चाहे, तब तक।

और फिर

शिक्षा पूर्ण होते ही काम की गारंटी

सबको शिक्षा — पात्रतानुसार सबको काम — योग्यतानुसार
दृष्टि का विस्तार

मानव-केंद्रित से
ब्रह्मांड-केंद्रित

Democracy → Cosmocracy

लोकतंत्र ने हर मनुष्य को आवाज़ दी।
ब्रह्मांडतंत्र हर जीव को परिवार मानता है।
140 करोड़ मनुष्य + 84 लाख योनियाँ = एक परिवार

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स्वराज विकासखंड

हर विकासखंड में लगभग 1 लाख लोग।
हर विकासखंड का एक सरफरोश युवा सूत्रधार।

140 करोड़ ÷ 1 लाख = 14,000 · 14,000 Gen Z मिलकर करेंगे नवसृजन

सहभागिता

24 में से 4

हर सक्षम व्यक्ति, प्रतिदिन 4 घंटे — ब्रह्मांड की व्यवस्था में सहभागिता। समय और कार्य — अपनी रुचि से।

प्रातः 2 घंटे · स्वास्थ्य सायं 2 घंटे · Everyday Festival
श्रीमद्भगवद्गीता 2.3

क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थ
नैतत्त्वय्युपपद्यते।
क्षुद्रं हृदयदौर्बल्यं
त्यक्त्वोत्तिष्ठ परन्तप॥

हृदय की यह छोटी-सी दुर्बलता छोड़ो — उठो।

क्या हम केवल अवतार की प्रतीक्षा करते रहेंगे?

या करोड़ों लोग मिलकर स्वयं अवतार बनेंगे?

आपकी बारी

14,000 में से एक —
क्या वह आप हैं?

हाँ, मैं साथ हूँ ✦

संपर्क · 7348 290 295

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